दिल्ली से प्रवीण शाही और झारखंड से उदय रवानी की रिपोर्ट -
भाजपा चाहती है कि उसका पुराना गढ झारखंड में एक बार फिर उसका कब्जा हो। एक समय झारखंड के 14 संसदीय सीट में से भाजपा के पास 12 सीटें हुआ करती थी लेकिन आज एक भी नहीं हैं। आखिर क्यों ? सभी सींटे यूपीए के पास है। एक नजर 1.चतरा-धीरेन्द्र अग्रावाल(राजद) 2.धनबाद-चंद्रशेखर दुबे(कांग्रेस) 3.दुमका(एस.टी)-शिबू सोरेन(झामुमो) 4.गिरिडीह-टेकलाल महतो(झामुमो) 5.गोड्डा-फुरकन अंसारी(कांग्रेस) 6.हजारीबाग-भुवनेश्वर प्रासाद मेहता(भाकपा) 7.जमशेदपुर- सुमन महतो(सुनिल महतो(हत्या)की पत्नी)(झामुमो) 8.खुंटी(एस.टी)-सुशिला करकेटा(कांग्रेस) 9.कोडरमा-बाबू लाल मंराडी(झारखंड विकास मोर्चा)( बाबू लाल मंराडी झारखंड विकास मोर्चा गठन करने से पहले भाजपा में थे।) 10.लोहरदगा-(एस.टी)रामेश्वर उरांव(कांग्रेस) 11.पलामू (एस.सी) धूरन राम(उप चुनाव विजेता) (राजद)( इससे पहले राजद के ही मनोज कुमार थे लेकिन उन्हें इस्तीफा देना पड़ा) 12राजमहल(एस.टी.)-हेमलाल मुर्मू(झामुमो) 13रांची-सुबोधकांत सहाय(कांग्रेस) 14. सिंहभूम(एस.टी)-बारुन सुम्ब्रइ(कांग्रेस)।
इन 14 सीटों मे से 6 सीटे रिजर्व हैं पांच एसी टी समुदाय के लिए और एक एस सी समुदाय के लिए। खबर है कि यूपीए में शामील कांग्रेस, राजद और झामुमो अपने अपने विजयी उम्मीदवार को उतारेगी। हो सकता है सिर्फ दो सीटों पर परिवर्तन हो - चतरा और धनबाद। चतरा में राजद का कब्जा है और धनबाद में कांग्रेस का। दो ही उम्मीदवारों को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है।
एनडीए में विवाद गहरा सकता हैं। वो भी कुछ सामान्य सीटों को लेकर। जो खबर मिल रही है उसके अनुसार रांची से राम टहल चौधरी, गोड्डा से प्रदीप यादव और हजारीबाग से य़शवंत सिन्हा को उम्मीदवार बनाया जाना तय माना जा रहा है। कोडरमा से उपचुनाव में उम्मीदवार प्रणव वर्मा थे अगली बार इनका पता कटना तय माना जा रहा है। उम्मीदवार की तलाश की जा रही है क्योंकि यहां से विजयी उम्मीदवार बाबूलाल मरांडी है जो पहले भाजपा में थे। जमशेदपुर से दिनेश कुमार सांरगी का भी अगला उम्मीदवार बनना तय नहीं है। वे पिछला उपचुनाव झामुमो के सुमन महतो से हार गये थे और कोई खास प्रभाव भी नहीं छोड़ पाये थे। श्री सांरगी को उपचुनाव में आभा महतो की जगह उम्मीदवार बनाया गया था। अब आभा महतो भाजपा में नहीं हैं। इनके पति शैलेन्द्र महतो भाजपा से अलग हो कर एक अलग पार्टी झारखंड लोकतांत्रिक पार्टी का गठन किया है। इन सीटों को लेकर भाजपा आलाकमान को अधिक परेशानियों का सामना करना नहीं पड़ेगा। उन्हें उम्मीदवार तय कर चुनाव मैदान में उतार देना है। उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ेगा चतरा, धनबाद और गिरिडीह की सीटो को लेकर। पिछली बार चतरा से भाजपा उम्मीदवार राजद छोड़ कर आये नागमणि थे और जद यू विधायक इन्दर सिंह नामधारी। अब यह देखना है चतरा सीट किसके कोटे में जाती है। सूत्रों का मानना है कि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी और भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह नहीं चाहते हैं कि भाजपा और जद यू के बीच सीटों को लेकर कोई विवाद हो।
अब बचा धनबाद और गिरिडीह संसदीय सीट यहां से क्रमश: उम्मीदवार थे रीता वर्मा और रविन्द्र पांडे। और इन दोनो हीं जगहों पर सिंद्री से भाजपा विधायक राजकिशोर महतो को चुनाव लड़वाने के समीकरण बैठाये जा रहे हैं। गिरिडीह से राज किशोर महतो झामुको के टिकट पर लोक सभा का चुनाव जीत चुके हैं। और वर्तमान में धनबाद जिले के सिंद्री से विधायक हैं। उनका दोनो हीं सीटों पर दखल है। सूत्र बता रहे है राजकिशोर महतो लोक सभा चुनाव लड़ने के पक्ष में हैं गिरिडीह या धनबाद सीट से। लेकिन उनकी प्राथमिकता धनबाद सीट होगी।
ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि भाजपा नेतृत्व की टीम आखिर राजकिशोर महतो को लेकर इतना विचार मंथन क्यों कर रही है जबकि धनबाद सीट से रीता वर्मा और गिरिडीह सीट से रविन्द्र पांडे पिछले चुनाव को छोड़ लगातार चुनाव जीतते रहे हैं। ग्यराह अशोका रोड सूत्रों के अनुसार राजकिशोर के पक्ष में भाजपा के एक गुट ने जो तर्क रखे वे इस प्रकार हैं – 1. बिहार से अलग झारखंड राज्य बनने पर नये सिरे से चुनाव के लिए जातीय समीकरण तैयार करने पड़ेगें। शैलेन्द्र महतो के भाजपा छोड़ने के बाद ऐसा कोई कुर्मी चेहरा नहीं है जो झारखंड भर में वोट दिला सके। ऐसे में राजकिशोर महतो हीं एक ऐसे नेता हैं जो झारखंड भर के कुर्मी समुदाय मे कोई संदेश दे सकते है भाजपा के पक्ष में। राम टहल चौधरी भी है कुर्मी समुदाय से लेकिन उनका प्रभाव रांची से बाहर नहीं। 2. कुर्मी समुदाय को इतना महत्व क्यों ? इसके पीछे तर्क दिया गया कि कुर्मी समुदाय की संख्या राज्य भर में 23 से 26 प्रतिशत है। 14 लोक सभा सीटों में से श्री चौधरी को छोड़कर कोई भी कुर्मी उम्मीदवार नहीं है। ऐसे में अधिकांश कुर्मी झामुमो के साथ चले जायेंगे। 3. राजकिशोर महतो हीं ऐसे नेता है जो बाबूलाल मरांडी और शैलेन्द्र महतो से होने वाले नुकसान की भरपाई और भाजपा को एक मजबूती दे सकते हैं। 4. राजकिशोर महतो ऐसे नेता हैं जिनक सोच क्षेत्रिय कल्याणकारी के साथ साथ राष्ट्रीय भी है। उच्च शिक्षा प्राप्त श्री महतो एक अच्छे वकील भी हैं। 5. वे विनोद बिहारी महतो के ज्येष्ट पुत्र है। विनोद बाबू को झारखंड का भीष्मपिता माह कहा जाता है। उनके समर्थक उन्हें भगवान की तरह मानते हैं। इसका भी लाभ हो सकता हैं।
बहरहाल इस पर आलाकमान ने फाइनल क्या कहा इसकी जानकारी नहीं हो पाई है। यह भी सच है कि इस तरह के मामले में इतनी जल्दी फैसला भी नहीं लिया जाता लेकिन बताया जाता है कि राजकिशोर महतो के पक्ष में जो तर्क दिए गये उससे आलाकमान सहमत दिखे। और पूरे मामले के आकलन के लिए भाजपा के वरिष्ट नेता कलराज मिक्ष्रा को इसकी जिम्मदारी दी गई है कि एक रिपोर्ट तैयार करें।
Sunday, May 18, 2008
आखिर राजकिशोर को लेकर भाजपा आलाकमान विचार मंथन में क्यों जुटी है ?
Wednesday, May 14, 2008
यदि भाजपा आलाकमान राजकिशोर को झारखंड में आगे लाना चाहते है तो यह सही कदम है। यह काफी पहले हो जाना चाहिये था।
उदय रवानी ( अध्यक्ष, झारखंड जंगल बचाओ संगठन)
मैं अपना पक्ष रखना चाहता हूं। मैं झारखंड का ही रहने वाला हूं। और जो लोग भी झारखंड के होंगे वे निश्चित रुप से राजकिशोर महतो के नाम से परिचित होंगे। मेरा राजकिशोर महतो से सीधा कोई परिचय नहीं लेकिन मैं जानता हूं कि जितनी क्षमता राजकिशोर महतो में है उतना महत्व उन्हें भाजपा में नहीं दिया गया। ये बातें झारखंड के हर लोग जानते हैं। लेकिन यदि अब प्रधानमंत्री पद के दावेदार लाल कृष्ण आडवाणी उन्हें कोई महत्वपूर्ण भूमिका में लाते हैं तो श्री महतो के साथ साथ भाजपा को भी लाभ होगा।
राजकिशोर महतो का वर्चस्व पूरे झारखंड में हैं। राजनीति में जातीय समीकरण को देखे तो वे कुर्मी समाज से आते हैं जिनकी संख्य राज्य में लगभग 23 से 26 प्रतिशत है। इनके पिता को झारखंड का भीष्मपितामाह कहा जाता है। उन्होंने अलग झारखंड राज्य के लिए अपनी पूरी शक्ति लगा दी। उन्होने आंदोलन को इस स्थिति तक पहुंचा दिया था जहां से अलग राज्य गठन के अलाव केन्द्र सरकार पास दूसरा कोई विकल्प नहीं था। इनमें संगठनात्मक क्षमता भी बहुत है।
मैं आपको बताऊं कि जब झारखंड राज्य के सवाल पर झारखंड मु्क्ति मोर्चा 9 अगस्त 1992 को झामुमो दो भागों में बंट गया था- पहला, झमुमो(सोरेन) और दूसरा झामुमो(मार्डी)। दोनो हीं खेमो में नौ-नौ विधायक थे। इससे भी इनकी राजनीतिक ताकत का एहसास साफ हो जाता है। मार्डी गुट के मुख्य कर्ताधर्ता राजकिशोर महतो ही थे। बाद में झारखंड राज्य को लेकर राजनीति समीकरण बदलते रहे। वे समता पार्टी में इसलिए शामिल हो गये क्योंकि एनडीए के संयोजक जॉर्ज फर्णाडीस ने उनसे वादा किया था कि अलग झारखंड के मसले पर ठोस काम होगा। नीतीश कुमार भी अलग राज्य का समर्थन कर रहे थे। श्री महतो को समता पार्टी में राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया।
बहरहाल भाजपा ने राजकिशोर महतो को अपने साथ भले ही जोड़ लिया है लेकिन उनका इस्तेमाल भाजपा नहीं के बराबर कर रही है। श्री महतो एक ऐसे नेता है जो किसी पार्टी के बल पर नहीं बल्कि अपने दम पर पूरे राज्य में ट्रेड यूनियन चलाते हैं। लाखों श्रमिक उनके यूनियन के सदस्य हैं। श्री महतो 1992 से लगातार अपने यूनियन के अध्य़क्ष हैं। शायद भाजपा नेतृत्व ने उनके संगठनात्मक और उनकी राजनीतिक ताकत का पता जरुर लगाया होगा तभी भाजपा के केन्द्रीय टीम राजकिशोर महतो को महत्वपूर्ण भूमिका देने पर विचार कर रही है।
Sunday, May 11, 2008
झारखंड भाजपा में राजकिशोर के अलावा और भी कई दिग्गज नेता हैं।
निर्मल तिवारी -
राजेश जी क्या आप मेरे विचार को प्रकाशित करेंगे। ऐसा इसलिए लिख रहां हूं क्योकि मैं आपकी बातों से पूरी तरह सहमत नहीं हूं। झारखंड में भाजपा का वर्चस्व रहा है। आज भी इसकी जडे मजबूत है। आज की तारीख में भले हीं एक भी भाजपा का सांसद नहीं है झारखंड से। इसका मतलब यह नहीं है कि झारखंड भाजपा में नेतृत्व की कमी है। यहां पर देश के पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, राम टहल चौधरी, कडिया मुंडा आदि कई नेता हैं। जो नेतृत्व दे रहे हैं झारखंड भाजपा को। झारखंड के पार्टी अध्यक्ष पशुपति नाथ सिंह भी है। ये लोग भाजपा के पुराने नेता हैं। इनका पार्टी में महत्वपूर्ण स्थान है। आप इन्हें कम कर नहीं आंक सकते।
इसका मतलब यह नहीं हैं मैं राजकिशोर महतो को कमजोर बता रहा हूं। मैं आपके कई बातों से सहमत नहीं हूं यह अलग बात है। लेकिन इतना मानता हूं कि राजकिशोर महतो एक अच्छे नेता है। विद्वान भी हैं। देश के जाने माने इंजीनियरिंग कॉलेज ‘इंडियन स्कूल माइन्स’ से डिग्री लेने के बाद उन्होंने वकालत की, सरकारी वकील भी रहे। वकालत की दुनियां में शानदार नाम होने की वजह से उनका नाम जज के लिए सिफारिश किया गया था लेकिन उनके पिता विनोद बिहारी महतो के निधन के बाद उन्हें राजनीति में कदम रखना पड़ा।
हां इतना जरूर कह सकता हूं कि बाबूलाल मरांडी के भाजपा छोड़ने से जो नुकसान भाजपा को हुआ है वो पूरा हो सकता है श्री महतो के मार्फत। जहां तक मेरा व्यक्तिगत विचार है राजकिशोर जी के बारे में, तो मैं यह कह सकता हूं कि पार्टी संगठन में यदि राजकिशोर जी ठीक ठाक काम कर सकते हैं तो वे बतौर मंत्री बेहद अच्छे तरीके से काम कर सकते हैं। इसलिए मुझे लगता है भाजपा आलाकमान लाल कृष्ण आडवाणी जी पूरी तरह राजकिशोर महतो के हाथों कमान नहीं देंगे। हां इतना मान सकता हूं कि उन्हें संसदीय चुनाव लड़ने के लिए टिकट दे सकते हैं चाहे वह गिरिडीह हो या धनबाद या अन्य। ( निर्मल तिवारी, पूर्व छात्र, पी के राय कॉलेज)
Wednesday, May 7, 2008
झारखंड में भाजपा को मजबूत करने के लिए राजकिशोर पर आलाकमान की नजर
दुनिया भर में कोयला के लिए मशहूर धनबाद जिले में गर्मी के साथ साथ राजनीतिक तापमान अपने चरम पर हैं। लोकसभा के चुनाव में अभी एक साल बाकी है लेकिन अभी से हर राजनीतिक दल ने गुणा भाग करना शुरू कर दिया है। इस समय सबसे अधिक उलझन भाजपा में है कि झारखंड में ऐसे समीकरण बनाये जाये कि भाजपा उस स्थित में वापस लौट सके जब भाजपा को झारखंड में 14 संसदीय सीटों में से 12 सीटे मिला करती थी। आज की तारीख में एक भी नहीं है।
सिंद्री विधान सभा से भाजपा विधायक राजकिशोर महतो इन दिनो काफी चर्चित हैं झारखंड और दिल्ली भाजपा में। दिल्ली के 11 अशोक रोड स्थित भाजपा मुख्यालय सूत्रों के अनुसार झारखंड में श्री महतो को महत्वपूर्ण भूमिका देने की तैयारी हो रही है। आगामी लोक सभा चुनाव में भाजपा अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी राज किशोर महतो को मुख्य चुनाव प्रचारकों में से एक और लोक सभा चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवर बना सकते हैं।
श्री महतो के बारे में जो चर्चाएं हुई और जो खबरे छन कर आ रही हैं उसके अनुसार उनके पक्ष में कई बाते सकारात्मक हैं जो एक बेहतर उम्मीदवार के लिए माना जाता है – 1. श्री महतो की छवि साफ सुथरी है । काफी पढे लिखे हैं और एक अच्छे एडवोकेट भी हैं। 2. श्री महतो का पूरे झारखंड इलाके में अच्छा प्रभाव है न सिर्फ महतो समाज में बल्कि आदिवासी और अन्य समाज में भी। 3.एक अच्छे राजनीतिज्ञ भी माने जाते हैं। झामुमो के बेनर तले वे गिरिडीह से सांसद भी रह चुके हैं। 4. भाजपा में आने के बाद वे कभी किसी विवाद में नहीं रहे.। उनकी एक मांग थी कि झारखंड राज्य का गठन हो। और इसके लिए वे दबाव बनाते रहे। इसके अलावा उन्होंने कभी भी कुछ नहीं कहा।
बहरहाल यह भी बताया गया कि केन्द्रीय भाजपा और राज्य स्तरीय पार्टी का एक बड़ा वर्ग श्री महतो को धनबाद से चुनाव लड़वाने की तैयारी कर रहे है। इस मामले में श्री महतो से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। तर्क दिया गया कि भाजपा में श्री महतो एक ऐसे उम्मीदवार होगें जो धनबाद के कांग्रेस सांसद ददई दुबे को आसानी से हरा सकते हैं.
Monday, April 28, 2008
करोड़ का थप्पड़, भज्जी आईपीएल में नहीं खेल पायेंगे
हरभजन सिंह अब आईपीएल का मैच नहीं खेल पायेंगे। सुनवाई के बाद उन्हें दोषी ठहराया गया है। उन पर 11 मैचों का प्रतिबंध है। प्रतिबंध इसलिए लगाया गया है क्योंकि मुंबई इंडियन टीम के कप्तान हरभजन सिंह ने किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाड़ी श्रीसंत को थप्पड़ मार दिया। श्रीसंत ने भज्जी को मैच हारने पर सिर्फ ‘हार्ड लक’ कहा था। मुंबई टीम की लगातार हार से भज्जी परेशान थे। सचिन के न खेलने पर वे कप्तानी कर रहे थे। भज्जी को अपनी फीस भी गवानी पड़ी। उन्हें 2.9 करोड़ का नुकसान भी हो गया। साथ ही मुंबई टीम के मैनेजर लालचंद राजपूत को भी दंड स्वरूप आधी फीस गवानी पड़ेगी क्योकि वे हरभजन को थप्पड़ मारने से नहीं रोक पाये थे। इसका एलान इंडियन प्रीमियर लीग के अध्यक्ष ललित मोदी ने किया.
आईपीएल के मैच रेफ़री फ़ारूख़ इंजीनियर ने इस मामले की सुनवाई की। इस मौक़े पर हरभजन सिंह और श्रीसंत भी मौजूद थे। इंजीनियर ने दोनो खिलाडियों के हाथ भी मिलवाये। इस बीच बीसीसीआई ने भी इस मामले की प्रारंभिक जाँच के लिए सुधीर नानावटी को आयुक्त नियुक्त किया है. बीसीसीआई के मुताबिक़ सुधीर नानावटी संबंधित पक्षों से स्पष्टीकरण मांगेगे और 15 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट बीसीसीआई अध्यक्ष शरद पवार को सौंप देंगे।
शुक्रवार को मोहाली में मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच मैच हुआ था. मैच में मुंबई इंडियंस की कप्तानी हरभजन सिंह कर रहे थे. इस मैच में मुंबई इंडियंस की टीम हार गई. मैच के बाद श्रीसंत और हरभजन सिंह की झड़प हुई. इसके बाद श्रीसंत को मैदान पर रोते हुए देखा गया. बाद में हरभजन सिंह ने श्रीसंत से माफ़ी भी मांगी और कहा कि श्रीसंत उनके छोटे भाई की तरह हैं. श्रीसंत ने भी इस मामले को ज़्यादा तूल देने से इनकार किया था और कहा था कि अब सब कुछ ठीक हो गया है. लेकिन बीसीसीआई और आईपीएल ने इस मामले को गंभीरता से लिया. किंग्स इलेवन पंजाब की टीम ने भी इस मामले में आधाकारिक शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद हरभजन को आईपीएल से निलंबित कर दिया।
Monday, April 21, 2008
आईपीएल के टीम और कार्यक्रम
यदि आप क्रिकेट खेल पंसद करते हैं और आपके पास पूरी जानकारी नहीं है कि इंडियन प्रीमियर लीग के किस टीम में कौन कौन से खिलाड़ी है तो यहां पर आप विस्तार से पढ सकते हैं। इन दिनों देश में इंडियन प्रीमियर लीग की धूम है। दुनिया के धाकड़ खिलाडियों से सुसज्जित हैं कुल आठ टीमें। इन आठों टीमो के स्वामित्व निम्न प्रकार से हैं – 1. कोलकाता नाइट राइडर्स- शाहरुख़ ख़ान, जूही चावला मेहता और जय मेहता 2. मुंबई इंडियंस- मुकेश अंबानी और रिलायंस इंड्रस्ट्रीज़ लिमिटेड 3. दिल्ली डेयर डेविल्स- जीएमआर होल्डिंग्स 4. चेन्नई सुपर किंग्स- इंडिया सिमेंट और एन श्रीनिवासन 5. बंगलौर रॉयल चैलेन्जर्स- डॉक्टर विजय मालया और यूबी ग्रुप 6. डेकन चार्जर्स- डेकन क्रॉनिकल 7. किंग्स इलेवन पंजाब- प्रीति ज़िंटा, नेस वाडिया, करण पॉल (एपीजे सुरेंद्र ग्रुप) और मोहित बर्मन (डाबर) 8. राजस्थान रॉयल्स- इमर्जिंग मीडिया (मनोज बाडले, लचलान मर्डॉक, सुरेश चेलाराम)
कोलकाता नाइट राइडर्स - कोच: जॉन बुकानन 1. सौरभ गांगुली (कप्तान, भारत)2. सिद्धार्थ कौल (भारत)3. अजित अगरकर (भारत)4. रोहन बैनर्जी (भारत) 5. आकाश चोपड़ा (भारत) 6. देबब्रत दास (भारत) 7. अशोक डिंडा (भारत)8. क्रिस गेल (वेस्टइंडीज़) 9. डेविड हसी (ऑस्ट्रेलिया) 10. इक़बाल अब्दुल्लाह (भारत) 11. मुरली कार्तिक (भारत) 12. सौराशीष लाहिड़ी (भारत) 13. ब्रेंडन मैकुलम (न्यूज़ीलैंड) 14. मोहम्मद हफ़ीज़ (पाकिस्तान) 15. रिकी पोंटिंग (ऑस्ट्रेलिया) 16. चेतेश्वर पुजारा (भारत) 17. प्रशांत साहा (भारत) 18. सलमान बट (पाकिस्तान) 19. ईशांत शर्मा (भारत) 20. लक्ष्मीरतन शुक्ला (भारत) 21. तटेंडा टाइबू (ज़िम्बाब्वे) 22. उमर गुल (पाकिस्तान) 23. यशपाल सिंह (भारत) 24. शोएब अख़्तर (पाकिस्तान)
मुंबई इंडियंस - कोच: लालचंद राजपूत 1. सचिन तेंदुलकर (कप्तान, भारत)
2. लूट्स बॉसमैन (दक्षिण अफ़्रीका) 3. ड्वेन ब्रैवो (वेस्टइंडीज़) 4. अंकित चौहान (भारत) 5. सिद्धार्थ चिटनिस (भारत) 6. गौरव धिमान (भारत) 7. दिलहारा फ़र्नांडो (श्रीलंका) 8. हरभजन सिंह (भारत) 9. सनत जयसूर्या (श्रीलंका) 10. मुसाविर खोटे (भारत) 11. धवल कुलकर्णी (भारत) 12. अभिषेक नायर (भारत) 13. आशीष नेहरा (भारत) 14. मनीष पांडे (भारत) 15. राजेश पवार (भारत) 16. शॉन पोलक (दक्षिण अफ़्रीका) 17. ऐशवेल प्रिंस (दक्षिण अफ़्रीका) 18. अजिंक्य रहाणे (भारत) 19. रोहन राजे (भारत) 20. ल्यूक रॉन्ची (ऑस्ट्रेलिया) 21. पीनल शाह (भारत) 22. स्वप्निल सिंह (भारत) 23. योगेश विजय तकावले (भारत) 24. डोमिनिक थॉर्नली (ऑस्ट्रेलिया) 25. सौरभ तिवारी (भारत) 26. रॉबिन उथप्पा (भारत) 27. विक्रांत येलीगटी (भारत) 28. लसिथ मलिंगा (श्रीलंका)
दिल्ली डेयर डेविल्स - कोच: ग्रेग शिफ़र् 1. वीरेंदर सहवाग (कप्तान, भारत) 2. रजत भाटिया (भारत) 3. एबी डी वेलियर्स (दक्षिण अफ़्रीका) 4. शिखर धवन (भारत) 5. तिलकरत्ने दिलशान (श्रीलंका) 6. गौतम गंभीर (भारत) 7. ब्रेट गिव्स (ऑस्ट्रेलिया) 8. दिनेश कार्तिक (भारत) 9. ग्लेन मैकग्रॉ (ऑस्ट्रेलिया) 10. फ़रवीज़ महारूफ़ (श्रीलंका) 11. यो महेश (भारत) 12. मिथुन मिन्हास (भारत) 13. अमित मिश्रा (भारत) 14. मोहम्मद आसिफ़ (पाकिस्तान) 15. योगेश नागर (भारत) 16. प्रदीप सांगवान (भारत) 17. शोएब मलिक (पाकिस्तान) 18. मयंक तेहलान (भारत) 19. मनोज तिवारी (भारत) 20. डेनियल वेटोरी (न्यूज़ीलैंड) 21. तेजस्वी यादव (भारत)
चेन्नई सुपर किंग्स - कोच: कैपलर वेसल्स 1. महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान, भारत) 2. विराज विलास कड़बे (भारत) 3. पी अमरनाथ (भारत) 4. मनप्रीत गॉनी (भारत) 5. श्रीकांत अनिरुद्ध (भारत) 6. आर अश्विन (भारत) 7. सुब्रह्मण्यम बद्रीनाथ (भारत) 8. लक्ष्मीपति बालाजी (भारत) 9. नेपोलियन आइंस्टीन (भारत) 10. स्टीफ़ेन फ़्लेमिंग (न्यूज़ीलैंड) 11. मैथ्यू हेडन (ऑस्ट्रेलिया) 12. माइकल हसी (ऑस्ट्रेलिया) 13. शादाब जकाती (भारत) 14. जोगिंदर शर्मा (भारत) 15. अरुण कार्तिक (भारत) 16. सुरेश कुमार (भारत) 17. एल्बी मॉर्केल (दक्षिण अफ़्रीका) 18. अभिनव मुकुंद (भारत) 19. मुथैया मुरलीधरन (श्रीलंका) 20. मखाया एंटिनी (दक्षिण अफ़्रीका) 21. जैकब ओरम (न्यूज़ीलैंड) 22. पार्थिव पटेल (भारत) 23. सुरेश रैना (भारत) 24. विद्युत शिवारामाकृष्णन (भारत)
बैंगलोर रॉयल चैलेन्जर्स - कोच: वेंकटेश प्रसाद 1. राहुल द्रविड़ (कप्तान) 2. अब्दुल रज़्ज़ाक़ (बांग्लादेश) 3. बालाचंद्र अखिल (भारत) 4. केपी अपन्ना (भारत) 5. जगदीश अरुण कुमार (भारत) 6. मार्क बाउचर (दक्षिण अफ़्रीका) 7. शिवनारायण चंद्रपॉल (वेस्टइंडीज़) 8. भारत चिपली (भारत) 9. श्रीवत्स गोस्वामी (भारत) 10. वसीम जाफ़र (भारत) 11. सुनील जोशी (भारत) 12. ज़ाक कैलिस (भारत) 13. ज़हीर ख़ान (भारत) 14. विराट कोहली (भारत) 15. प्रवीण कुमार (भारत) 16. अनिल कुंबले (भारत) 17. मिस्बाह-उल-हक़ (पाकिस्तान) 18. एशले नोफ़की (ऑस्ट्रेलिया) 19. देवराज पाटिल (भारत) 20. डेल स्टेन (दक्षिण अफ़्रीका) 21. रॉस टेलर (न्यूज़ीलैंड) 22. विनय कुमार (भारत) 23. कैमरुन व्हाइट (ऑस्ट्रेलिया) 24. नाथन ब्रैकेन (ऑस्ट्रेलिया)
डेकन चार्जर्स - कोच: रॉबिन सिंह1. वीवीएस लक्ष्मण (कप्तान, भारत)2. एंड्रयू साइमंड्स (ऑस्ट्रेलिया)3. संजय बांगर (भारत) 4. हलहादर दास (भारत) 5. हर्शेल गिब्स (दक्षिण अफ़्रीका) 6. एडम गिलक्रिस्ट (ऑस्ट्रेलिया) 7. डोडापन्नेनी कल्याणकृष्ण (भारत) 8. प्रज्ञान ओझा (भारत) 9. द्वारका रवि तेजा (भारत) 10. पीएम सर्वेश कुमार (भारत) 11. शाहिद अफ़रीदी (पाकिस्तान) 12. रोहित शर्मा (भारत) 13. चमारा सिल्वा (श्रीलंका) 14. आरपी सिंह(भारत) 15. स्कॉट स्टाइरिस (न्यूज़ीलैंड) 16. चमिंडा वास (श्रीलंका) 17. वेणुगोपाल राव (भारत) 18. पी विजय कुमार (भारत) 19. अर्जुन यादव (भारत) 20. नुवान ज़ोयसा (श्रीलंका)
किंग्स इलेवन पंजाब - कोच: टॉम मूडी -1. युवराज सिंह (कप्तान, भारत)
2. अजितेश अगराल (भारत) 3. पीयूष चावला (भारत) 4. पंकज धरमाणी (भारत) 5. ऋषि धवन (भारत) 6. करण गोयल (भारत) 7. जेम्स होप्स (ऑस्ट्रेलिया) 8. महेला जयवर्धने (श्रीलंका) 9. साइमन कैटिच (ऑस्ट्रेलिया) 10. उदय कौल (भारत) 11. साहिल कुकरेजा (भारत) 12. ब्रेट ली (ऑस्ट्रेलिया) 13. शॉन मार्श (ऑस्ट्रेलिया) 14. काइल मिल्स (न्यूज़ीलैंड) 15. विल्किन मोटा (भारत) 16. इरफ़ान पठान (भारत) 17. ल्यूक पॉमर्सबैच (ऑस्ट्रेलिया) 18. रमेश पवार (भारत) 19. नितिन सैनी (भारत) 20. कुमार संगकारा (श्रीलंका) 21. रामनरेश सरवन (वेस्टइंडीज़) 22. विक्रम सिंह (भारत) 23. सन्नी सोहल (भारत) 24. एस श्रीसंत (भारत) 25. तन्मय श्रीवास्तव (भारत)
राजस्थान रॉयल्स - कोच: शेन वॉर्न 1. शेन वॉर्न (कप्तान, ऑस्ट्रेलिया) 2. आदित्य आंगले (भारत) 3. स्वप्निल असनोदकर (भारत) 4. रविंद्र जडेजा (भारत) 5. मोहम्मद कैफ़ (भारत) 6. कामरान अकमल (पाकिस्तान) 7. सुमित खत्री (भारत) 8. तरुवर कोहली (भारत) 9. जस्टिन लैंगर (ऑस्ट्रेलिया) 10. डेरेन लीमैन (ऑस्ट्रेलिया) 11. डिमित्री मैस्करान्हैस (इंग्लैंड) 12. पराग मोरे (भारत) 13. मॉर्ने मॉर्केल (दक्षिण अफ़्रीका) 14. पंकज सिंह (भारत) 16. मुनाफ़ पटेल (भारत) 17. नीरज पटेल (भारत) 18. यूसुफ़ पठान (भारत) 19. महेश रावत (भारत) 20. अनूप रेवंदकर (भारत) 21. दिनेश सालुंके (भारत) 22. जयदेव शाह (भारत) 23. ग्रैम स्मिथ (दक्षिण अफ़्रीका) 24. सोहेल तनवीर (पाकिस्तान) 25. सिद्धार्थ त्रिवेदी (भारत) 26. शेन वॉटसन (ऑस्ट्रेलिया) 27. यूनुस ख़ान (पाकिस्तान)
कार्यक्रम पर एक नज़र:18 अप्रैल: बंगलौर रॉयल चैलेंजर्स और कोलकाता नाइट राइडर्स (बंगलौर)
19 अप्रैल: डेल्ही डेयर डेविल्स और राजस्थान रॉयल्स (दिल्ली)19 अप्रैल: किंग्स इलेवन पंजाब और चेन्नई सुपर किंग्स (मोहाली)20 अप्रैल: कोलकाता नाइट राइडर्स और डेकन चार्जर्स (कोलकाता)20 अप्रैल: मुंबई इंडियंस और बंगलौर रॉयल चैलेन्जर्स (मुंबई)21 अप्रैल: राजस्थान रॉयल्स और किंग्स इलेवन पंजाब (जयपुर)22 अप्रैल: डेकन चार्जर्स और डेल्ही डेयर डेविल्स (हैदराबाद)23 अप्रैल: चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस (चेन्नई)24 अप्रैल: डेकन चार्जर्स और राजस्थान रॉयल्स (हैदराबाद)25 अप्रैल: किंग्स इलेवन पंजाब और मुंबई इंडियंस (मोहाली)26 अप्रैल: बंगलौर रॉयल चैलेन्जर्स और राजस्थान रॉयल्स (बंगलौर)26 अप्रैल: चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स (चेन्नई)27 अप्रैल: किंग्स इलेवन पंजाब और डेल्ही डेयर डेविल्स (मोहाली)27 अप्रैल: मुंबई इंडियंस और डेकन चार्जर्स (मुंबई)28 अप्रैल: बंगलौर रॉयल चैलेन्जर्स और चेन्नई सुपर किंग्स (बंगलौर)29 अप्रैल: कोलकाता नाइट राइडर्स और मुंबई इंडियंस (कोलकाता)30 अप्रैल: डेल्ही डेयर डेविल्स और बंगलौर रॉयल चैलेन्जर्स (दिल्ली)1 मई: डेकन चार्जर्स और किंग्स इलेवन पंजाब (हैदराबाद)1 मई: राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स (जयपुर)2 मई: चेन्नई सुपर किंग्स और डेल्ही डेयर डेविल्स (चेन्नई)3 मई: डेकन चार्जर्स और बंगलौर रॉयल चैलेन्जर्स (हैदरबाद)3 मई: किंग्स इलेवन पंजाब और कोलकाता नाइट राइडर्स (मोहाली)4 मई: राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स (जयपुर)4 मई: मुंबई इंडियंस और डेल्ही डेयर डेविल्स (मुंबई)5 मई: बंगलौर रॉयल चैलेन्जर्स और किंग्स इलेवन पंजाब (बंगलौर)6 मई: चेन्नई सुपर किंग्स और डेकन चार्जर्स (चेन्नई)7 मई: मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स (मुंबई)8 मई: डेल्ही डेयर डेविल्स और चेन्नई सुपर किंग्स (दिल्ली)8 मई: कोलकाता नाइट राइडर्स और बंगलौर रॉयल चैलेन्जर्स (कोलकाता)9 मई: राजस्थान रॉयल्स और डेल्ही डेयर डेविल्स (जयपुर)10 मई: बंगलौर रॉयल चैलेन्जर्स और मुंबई इंडियंस (बंगलौर)10 मई: चेन्नई सुपर किंग्स और किंग्स इलेवन पंजाब (चेन्नई)11 मई: डेकन चार्जर्स और कोलकाता नाइट राइडर्स (हैदराबाद)11 मई: राजस्थान रॉयल्स और डेल्ही डेयर डेविल्स (जयपुर)12 मई: किंग्स इलेवन पंजाब और बंगलौर रॉयल चैलेन्जर्स (मोहाली)13 मई: कोलकाता नाइट राइडर्स और डेल्ही डेयर डेविल्स (कोलकाता)14 मई: किंग्स इलेवन पंजाब और राजस्थान रॉयल्स (मोहाली)14 मई: मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स (मुंबई)15 मई: डेल्ही डेयर डेविल्स और डेकन चार्जर्स (दिल्ली)16 मई: मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स (मुंबई)
17 मई: डेल्ही डेयर डेविल्स और किंग्स इलेवन पंजाब (दिल्ली)17 मई: राजस्थान रॉयल्स और बंगलौर रॉयल चैलेन्जर्स (जयपुर)18 मई: डेकन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस (हैदराबाद)18 मई: कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स (कोलकाता)19 मई: बंगलौर रॉयल चैलेन्जर्स और डेल्ही डेयर डेविल्स (बंगलौर)
20 मई: कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स (कोलकाता)21 मई: चेन्नई सुपर किंग्स और बंगलौर रॉयल चैलेन्जर्स (चेन्नई)21 मई: मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब (मुंबई)22 मई: डेल्ही डेयर डेविल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स (दिल्ली)23 मई: किंग्स इलेवन पंजाब और डेकन चार्जर्स (मोहाली)24 मई: चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स (चेन्नई)24 मई: डेल्ही डेयर डेविल्स और मुंबई इंडियंस (दिल्ली)25 मई: बंगलौर रॉयल चैलेन्जर्स और डेकन चार्जर्स (बंगलौर)25 मई: कोलकाता नाइट राइडर्स औऱ किंग्स इलेवन पंजाब (कोलकाता)26 मई: राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस (जयपुर)27 मई: डेकन चार्जर्स और चेन्नई सुपर किंग्स (हैदराबाद)
30 मई: पहला सेमी फ़ाइनल (मुंबई)31 मई: दूसरा सेमी फ़ाइनल (मुंबई)1 जून: फ़ाइनल (मुंबई)
Friday, April 18, 2008
रंगारंग कार्यक्रम के बीच आईपीएल का मुकाबला शूरु
आधुनिक और रंगारंग आतिशबाजी के बीच आईपीएल मैच का शुभ आरम्भ हो गया बैंगलोर में। जो लोग यह मैच देश दुनिया में देख रहे होंगे उन्हें यह देख विश्वास ही नहीं होगा कि भारत एक विकासशील देश हैं। वे तुंरत ही भारत को विकसित देश का दर्जा दे देंगे। बहरहाल यदि आर्थिक जगत से बाहर निकल खेल की दुनियां में प्रवेश करे तो भारत ने इतिहास रच दिया है। क्रिकेट की दुनियां में भारत ने अपनी ताकत दिखा दी है। इस श्रृखंला के बाद लोग इंग्लैंड के कांउटी मैच को भी भूल जायेंगे।
बीसीसीआई की पैसे की चर्चा दुनियां भर में हुई पिछले दिनों, जब हमारी टीम आस्ट्रेलिया गई थी। और हमारे खिलाड़ी हरभजन पर रंगभेद का आरोप लगाया गया था तब भारत ने इसका जोरदार विरोध किया और कहा आरोप वापस लेने होंगे और हरभजन को खिलाने होंगे नहीं तो भारतीय टीम फीस जमा कर वापस चली जायेगी। सभी लोगों को बीसीसीआई की बात माननी पड़ी। बीसीसीआई सही था। पैसे का घंमड नहीं था। लेकिन आस्ट्रेलियाई प्रेस ने कहा बीसीसीआई की दौलत के सामने आस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड झुक गई है।
बहरहाल, बैगलोर में आयोजित 20-20 के मैच में जो भी जीते हारे लेकिन दर्शकों को रंगारंग कार्यक्रम के साथ साथ गाने बजाने की धून पर मस्त होने और हर तरह की सकारात्मक लुत्फ उठाने का मौका मिल रहा है। यह पैसे का खेल है। शुरुआती मुक़ाबले के लगभग सारे टिकट बिक चुके हैं. तीन घंटे के इस मैच में दर्शक न सिर्फ़ क्रिकेट की फटाफट शैली का लुत्फ़ उठा रहे हैं बल्कि वाशिंगटन से यहाँ पहुँची रेडस्किन्स टीम की चीयर लीडर्स के ठुमके भी उनका ध्यान खींच रहे हैं.
बैगलोर की रॉयल चैलेजर्स चैलेंजर्स और कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम के बीच जगमगाती दूधिया रोशनी में आईपीएल का पहला मुक़ाबला शुरु होते ही क्रिकेट के रंगारंग अध्याय की शुरुआत हो गई है। बंगलौर रॉयल चैलेंजर्स के कप्तान राहुल द्रविड़ ने टॉस जीतकर पहले फ़ील्डिंग करने का फ़ैसला किया है.